मराठी सेक्सी वीडियो हॉट

वडील दिनाच्या शुभेच्छा

वडील दिनाच्या शुभेच्छा, श..सर..अभी नही...शाम को..,उन्होने उसे चूमते हुए उसकी स्कर्ट मे हाथ घुसाना चाहा तो वो हंसते हुए उन्हे परे धकेल कर लगा हुई & दरवाज़े की ओर बढ़ गयी. मयूरी समझ गयी थी कि उसके ऐसे व्यवहार से रजत डर गया है. पर ये मयूरी के चाल का अगला कदम था. उसको पता था कि वो क्या कर रही है. वो बिल्कुल अनजान बनते हुए बोली- आगे से ध्यान रखना…

दोनों भाई कमरे से बाहर आये और मयूरी के पास पहुंचे. बाहर आते ही दोनों ने मयूरी की ब्रा को निकाल फेंका और उसकी एक एक चूची को अपने हाथ में भर लिया. राधिका कृष्णा के सीने से लग जाती हैं- आप मुझसे कुछ छुपा तो नहीं रहे ना भैया. पता नहीं क्यों पर मुझे आज कल कुछ घबराहट सी हमेशा महसूस होती हैं. फिर राधिका भी कृष्णा को पार्वती वाला कांड पूरा बता देती हैं.

राधिका- भैया मैने पूरी कोशिश की थी कि मैं आपका कम पूरा पी जाऊ मगर मैं नाकाम हो गयी. अभी मैं नयी हूँ ना मुझे थोड़ा टाइम दो मैं आपके लिए सब कुछ धीरे धीरे सीख जाउन्गि. वडील दिनाच्या शुभेच्छा राधिका- हां भैया आपका मुझपर पूरा हक़ हैं. जो आपको अच्छा लगे मैं आज के बाद कभी आपको किसी बात के लिए नहीं रोकूंगी.

इंग्लिश वीडियो डाउनलोड

  1. राधिका- तो कर लो ना मैने कब मना किया हैं. वैसे पोलीस वालों के लिए बलात्कार करना कोई नयी बात थोड़ी ही ना हैं.
  2. इसी दौरान अशोक ने अपने एक साथ से मयूरी की गांड के एक उभार को छोड़ दिया और मयूरी की जादुयी चूचियों पर अपना हाथ फेरने लगा. मयूरी थोड़ा पीछे हटी और अपनी बांहों की पकड़ को थोड़ा ढीला करते हुए अपने पापा को उसने अपनी चूचियों को पकड़ने और मसलने का रास्ता दिया. ओके गूगल कल का मौसम कैसा रहेगा
  3. वो लुडरू मेरा क्या बिगाड़ लेगा... तुम तो वैसे भी मरोगी अगर आज मेरा काम नही करवाया तो... मैं कल चाचाको बता दूँगा की मैने तुम्हे बाजरे वाले खेत में अनिल के साथ पकड़ा था.... तरुन हँसने लगा.... ----------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------
  4. वडील दिनाच्या शुभेच्छा...रजत और मयूरी को विश्वास नहीं हुआ विक्रम ऐसा कर रहा है. मयूरी मन में ही सोचने लगी ‘देखो, जो भाई सुबह तक एक दूसरे से बात तक नहीं कर रहे थे वो अभी एक दूसरे का लंड चूसने को भी तैयार हैं…’ पर इस वक्त उसके मुँह से अपना नाम सुनकर अशोक को और भी मजा आ रहा था. उसने जवाब दिया- हाँ… मेरी जान… बोलो?
  5. हाई!यू'आर लुकिंग गॉर्जियस.,करण ने सर से पाँव तक उसे निहारा.ऊँची हाइ हील सॅंडल्ज़ मे उसके नाज़ुक पाँव & गोरी,सुडोल टांगे बड़ी मस्त लग रही थी.स्टरप्लीस ड्रेस की वजह से उसकी भारी बाहे,उपरी पीठ & चूचियो से उपर का हिस्सा रेस्टोरेंट की रोशनी मे चमक रहे थे. लाखा- जी वो उस दिन वही पर था साले को मार डालूँगा बहू मैं , बहुत हरामी है वो कुत्ते जैसी नजर है साले की

रानी मुखर्जी sex

करण ने हाथ बढ़ा के उसके बँधे बॉल खोल दिए तो वो कमर तक लहरा गये,..ये देखो..ये भी तो काली रात से घिरा चाँद है..,उसने उसकी ठुड्डी के नीचे अपना हाथ रखा तो शर्म के बोझ से कामिनी की आँखे बंद हो गयी,..पर वो आसमान का चाँद तो इस चाँद के आगे कही भी नही ठहरता!

मयूरी ने अपनी बात पूरी की- तो बहुत विचार-विमर्श के बाद मैंने यह निर्णय लिया है कि तुम दोनों अगर चाहो तो मेरी चूत का आधा ही नहीं, बल्कि पूरा मजा ले सकते हो… अपना लंड इसमें डालकर मेरी चूत को निहाल कर सकते हो और अपनी इस बहन का जीवन तृप्त कर सकते हो. पर एक शर्त होगी! अभी लो.,चंद्रा साहब ने वैसे ही उसके उपर से हटे बिना,हाथ बढ़कर साइड-टेबल से मेनू कार्ड उठाया & नीचे दबी कामिनी को थमाया,फिर उसी साइड-टेबल पे रखे फोन से खाने का ऑर्डर कर दिया.

वडील दिनाच्या शुभेच्छा,धन्नो काकी ने दो चार मग पानी अपने नंगे जिस्म पर डाला और फिर साबुन से अपनी चूचियाँ और पेट पर साबुन मलने लगी, जब वह अपने मोटे पपीते जैसे स्तन पर साबुन लगा कर रगड़ती तो उसके स्तन उसके हाथ मे पूरा समा नही पाते थे, और साबुन की वजह से इधर उधर छटक जाते थे।

फिर हम लोग रोज़ की तरह काम में लग गये. करीब दस बज़े विश्वनाथजी कुछ सामान लेकर आए और हमारे चन्दू मामा के हाथ में थमा कर कहा कहा –

कामिनी बरटन होटेल की बेसमेंट पार्किंग मे अपनी कार मे बैठी मोहसिन के फोन का इंतेज़ार कर रही थी,तभी घंटी बजी,बोलो,मोहसिन!इलेक्शन कमीशन ऑफ़ राजस्थान

राधिका-भैया कभी तो होश में रहा करो. दिन रात शराब में ही डूबे हुए रहते हो. घर की थोड़ी भी चिंता है क्या आपको. चम्पा –उफ़! ये बात नहीं है बल्लू भाई मैं डरती हूँ कि कहीं तुम लोगों के मुँह से ये बात किसी के सामने निकल गई तो मैं तो कहीं की न रहूँगी। जैसे कि जरा सा ढील देते ही जैसे तुम लोगों ने पहले तो बड़ी बड़ी बातें कर मुझे मना लिया पर अब बहक कर गन्दी बाते कर रहे हो।

बिरजू- तुझे क्या कहूँ एक बेहन का आशिक़ ...........या बेहन्चोद. इतना समझ ले मैं तेरी तरह बेहन्चोद नहीं हूँ जो अपनी ही बेहन चोद्ता हो. और ना ही मुझे शौक हैं कि तेरी तरह अपनी बेटी को चोदु. और मैं तेरी तरह बेटी चोद नहीं बनना चाहता. मैं मर जाना पसंद करूँगा मगर ऐसा नीच काम कभी नहीं करूँगा.

अच्छा जी!अब बाते बनाना छ्चोड़ो.,थोड़ी देर तक इसी तरह की बाते करने के बाद उसने फोन रख दिया & कोर्ट चली गयी.,वडील दिनाच्या शुभेच्छा मोनिका फिर तेज़ी से विजय का लंड अपने मूह में पूरा लेती है और धीरे धीरे अपने हलक में उतारने लगती है. विजय का कुछ देर में शरीर अकड़ने लगता है और वो उसका कम कुछ मोनिका के हलक में और कुछ बाहर उसके मूह के साइड से होता हुआ फर्श पर गिर जाता है और कुछ बूँदें सोफा पर.

News