दादा पोती की बीएफ

रेणुका देवीची कथा मराठी

रेणुका देवीची कथा मराठी, भीतर ड्राइंगरूम में तो अंधेरा-सा ही था । शायद एक कोने में एक टेबल पर रखा एक टेबल लैंप जल रहा था वहां । दरअसल स्टडी की तरफ मेरी तवज्जो गई ही इसलिए थी कि क्योंकि वहां के खुले दरवाजे में से ट्यूब लाइट की रोशनी बाहर निकल रही थी । वीरू: हाँ, हाँ, हाँ…जय पाजी, यह वही ठाकुर हैं ना जो एक साथ 3 3 रांडो को अपनी हवेली में ले के जाता था चुदाई करने के लिए.

कुछ देर बाद, हम भी वापस लौट आए। तब मम्मी बोलीं की चलो, गेस्ट हाउस के पीछे चलते हैं… वहां स्विमिंग पूल में तैरकर, बदन पर लगी मिट्टी और रेत साफ़ कर लें… ऐसे ही धक्का मारे जा ऐसे ही चोद कर मुझे ठंडा कर दे, तेरे लंड से ही ठंडी होगी तेरी माँ, पंखे से ठंडे होनी वाली नहीं हूँ मैं, तेरी माँ को तो तेरा मोटा मूसल चाहिए जो की उसकी चूत की दो फांके कर के उसकी चूत के अंदर की ज्वाला को ठंडा कर दे।

तो लग रहो सबिता उससे सटती हुई शरारत पूर्ण स्वर में बोली। और तुम्हे भूल जाउं। अनिल सबिता के भरपूर जवान ओर गुदाज बदल को गहरी नजरों देखता हुआ बोला नहीं सबिता अब यह नहीं हो सकता। रेणुका देवीची कथा मराठी मन ही मन मैं अपनी सगी भांजी की कुंवारी चूत के उदघाटन के आनन्द को महसूस करते हुए मैं उसकी आँखों के सामने ही अपने सारे कपड़े उतारने लगा।

कुत्ता घोड़ा की सेक्सी

  1. 10 मिनट तक ऐसे ही कुर्सी पर बैठी रहे फिर उन्होंने उन ककड़ियो को काटना शुरू कर दिया। ककड़ियो को काटने के बाद उन्होंने कपड़े पहने और चाय बनाने लगी। चाय बनाने के बाद मुझे जगाने आती थी इसलिए मैं तुरंत वहां से निकल कर अपने कमरे में जाकर सो गया, सच कहे तो सोने का नाटक करने लगा।
  2. तब मेरा ख्याल था कि मैं जा सकूंगी लेकिन बाद में हालात कुछ ऐसे वन गए थे कि... कि... बस, नहीं ही गयी मैं । सलवार कुर्ता वाली सेक्सी
  3. पूरी देह ही मछली की तरह बिछल रही है। मैं आह आह कर कर रही हूँ वे उन आहों में मेरी छोड़ी जा रही सुगंधित साँस को अपनी साँस में खीच रहे हैं। मेरे खुलते बंद होते मुँह को चूम रहे हैं। मुझे ये सुनकर बहोत गुस्सा आया, पर देखते ही देखते डॅड अपने असली रूप मे आ गये और उन्होने मिस काव्या को बेड पर लिटाया और अपने मोटे तगड़े साँप को उसकी चूत की गहराइयों मे पहुचा दिया, और कब डॅड ने अपनी स्पीड बढ़ा दी और कब रूम से आहह.. आह.. की आवाज़े आने लगी पता ही नही चला.
  4. रेणुका देवीची कथा मराठी...परन्तु बिन सोर्स के आजकल एसी अच्छी नौकरी मिली बड़ी मुश्किल है। मधु एक बात अगर मैं तुमसे कहूं तो तु बुरा तो न मानेगी। राधा गर्दन हिलाने हुये बोली। वे बोले- तुम चिन्ता मत करो, थोड़ी हिम्मत से काम लेना, शुरू में थोड़ा दर्द होगा और हल्का खून भी आएगा, किन्तु चिन्ता मत करना, उसके बाद धीरे धीरे वो मजा मिलेगा जिसे जीवन भर याद रखोगी।
  5. कह कर वो खडी हुई और एक झटके में अपनी साडी खोल दी. उसने पेटीकोट नही पहनी थी. उसने पेंटी पहन रखी थी. उसने खुद ही अपनी पेंटी को थोड़ी नीचे कर दी . मै उसके चूत को एकटक निहार रहा था. चिकना चूत था उसका. चौड़ा और फुला हुआ. भाबो- संध्या बींदड़ी, तू पूरी तरह इस जिम्मेदारी को उठा सकती है। घर में सबसे बड़े मुम्मोँ की रानी है तू। तू तो मुझसे भी अच्छी तरह निभा सकती है इस जिम्मेदारी को…

राजस्थानी फुल सेक्सी पिक्चर

मैंने अपनी हथेलियों में ढेर सा पाउडर लिया और उसकी मांसल पीठ पर बड़े ही कामुक अंदाज़ मे हाथ फिराने लगा। लेकिन उसकी ब्रा की स्ट्रिप के कारण पाउडर लगाने में दिक्कत हो रही थी।

ठाकुर यह सुनते ही लालपिला हो गया. रामलाल की तरफ देख के वो चीखा: रामलाल, लाओं मेरी बंदूक बेन्चोदो ने दो घंटे तक मेरी मारी थी. लाओं जल्दी लाओं. मिस पिहू, आपसे तो ऐसी उम्मीद नहीं थी। आप तो बड़ी सुशील, मर्यादित और सो कॉल्ड क्या क्या हैं? उसकी हँसी बढ़ने लगी।

रेणुका देवीची कथा मराठी,पारूल : आज में लाईफ में सब से ज्यादा खुश हुई हूँ। आप इतना ध्यान रखने वाले और प्यार से करने वाले हो.. मैंने आपसे अपनी वर्जिनिटी खत्म करवा कर एकदम ठीक किया है आज में बहुत बहुत ज्यादा खुश हूँ।

अब वो मुझसे खुलने लग गए… मुझसे गंदी बातें करते.. मेरे हाथ को छूते.. और एक दफ़ा तो मेरे मम्मों को भी छूने लगे।

मैं जैसे ही लण्ड को रूपा की चूत से छुलाता.. रूपा मचल कर अपना गाण्ड ऊपर उछालती.. जैसे चूत से लण्ड को निगल जाना चाहती हो।चाइना वाला सेक्सी वीडियो

बात आज से 2 साल पहले की है जब मैं 18 साल की होने वाली थी, मेरा बर्तडे बहोत नज़दीक आ रहा था और मुझे इसकी बड़ी खुशी भी थी. क्योकि मुझे बर्तडे गिफ्ट बहोत पसंद है, क्योकि मेरे मोम डॅड मुझे हर बार एक अलग ही गिफ्ट देते है और वो हमेशा ही अच्छा होता है. खाना खा कर जय अख़बार लेकर बेडरूम में चले गये और में रसोई के काम ख़तम करने लगी. रसोई के काम निपटाकर मैं बेडरूम में आई.

कल की ज़ोर दार बारिश की वजह से, समंदर का पानी काफ़ी ज़ोर मार रहा था और उसमे रेत भी ज़्यादा थी.. जिससे की पानी में, गंदगी सी महसूस हो रही थी..

चाचा ने अपने कपड़े उतार दिये और वो अंडर वियर में आ गये. धीरे से उन्होंने मेरा घूँघट खोला और उनके मुँह से शब्द निकल पड़े-,बहुत सुंदर, बिलकुल पारी!,रेणुका देवीची कथा मराठी उसने मेरी आज्ञा का पालन किया और अपना मुंह खोल दिया| मैंने शहद से भीगे हुए लण्ड को उसके मुंह में पेल दिया| मेरा मन किया कि अभी उसके सर को पकड़ कर पूरा लण्ड पेल दूं| पर मुझे वह कहानी याद आई लालच का फल बुरा होता है|

News