हिंदी में सेक्सी वीडियो बताइए

घाटी हॉस्पिटल औरंगाबाद

घाटी हॉस्पिटल औरंगाबाद, सुनील के बदन को चूमते और चाटते हुए वो उसके लंड तक जा पहुँची और उसके सुपाडे को हल्के हल्के दाँतों से दबाने लगी और अपनी ज़ुबान साथ में फेरने लगी. 'कमिनि बोले ही जा रही है - कहा आराम से बैठ सब बताती हूँ - समझ में नही आया क्या - कॉन सी भाषा समझती है तू'

सुमन उसे देखती रह गयी - बिल्कुल समर लग रहा था. सुनील ने अपने बॅग से नाइट सूट निकाला और फिर बाथरूम में घुस्स गया. क्यों बेटी अरे मैंने कहा था जो भाई करे करने देना, चलो कोई बात नही नाश्ता हो गया चलो अब मेरे रूम मे दोनो लोग देखते हैं तुम लोग क्या करते हो.

राजेश .....एक काम कर मुंबई चला जा....पापा ने एक चार्टर्ड फ्लाइट बुक की है 3 बजे की अपने दोस्तों के लिए उसमे आ जाना ...मैं इन्फ़ॉर्मेशन भेज दूँगा एरपोर्ट पे .....और हां अपनी बहन उर्वी को ज़रूर ले के आना ...कविता बहुत खुश होगी उसे देख.... घाटी हॉस्पिटल औरंगाबाद राहुल अपनी जीव्हा की नोंक चुत में आगे पीछे घुमाता जैसे सलोनी को तडपा रहा था। वो सिर्फ नोंक के अग्रभाग से चुत के होंठो के अंदरूनी हिस्से को रगड रहा था, चाट रहा था। वो अपने हाथों से चुत के होंठो को फैला देता है और अपनी जीव्हा की नोंक से अपनी मम्मी की चुत को कुरेदता है।

सेक्सी बीएफ देखने वाला

  1. फिर सुनील को यकायक याद आया कि जब फिल्म में पहले एक रोमॅंटिक सीन चला था तो दी ने अपना सर उसके कंधों पे रख दिया था.
  2. ये कह सुमन ने फोन रख दिया… खाने का कुछ दिल नही था…तो बस थोड़ा दलिया हिबाना लिया अपने लिए और फट से सोनल को फोन किया…. गांव की लड़कियों की नंगी सेक्सी
  3. ‘आइ लव यू टू डार्लिंग … माइ स्वीट डॉल… एंजाय दा लव ऑफ युवर हब्बी….. फील हिज़ एमोशन्स …. फील दा ओशन ऑफ लव ही हैज विदिन हिम’ इस हालत में सवी ने सुनील और सुमन को कुछ बताना ठीक नही समझा ...पर उसे ये कहाँ मालूम था कि कविता की सगाई होनेवाली है और उसे वापस जाना ही पड़ेगा.....
  4. घाटी हॉस्पिटल औरंगाबाद...मिनी ब्रेकफास्ट करने के बाद होटेल के स्टाफ के पीछे पड़ चुकी थी और एक एक बात को बारीकी से डिसकस कर रही थी और अपने सुझाव भी दे रही थी... इधर आओ ...और यह सलाद काटो, सब्जी बन गई है, मैं रोटी पका लेती हूँ सलोनी बेटे का उतरा हुआ चेहरा देखकर चह्कती है, खाली पेट मेहनत नहीं की जाएगी.... ..पहले पेट पूजा फिर......बाकी खाने के बाद |
  5. सड़क पर रश बढ़ता जा रहा था | तुम अच्छे से सीधे होकर बैठो.... हम लोग अब मंडी में हैं सलोनी राहुल को सीधे होकर बैठने के लिए कहती है और खुद भी सीधी होकर सामने देखती ध्यान से गाड़ी चलाने लगती है | हाये बहुत प्यारी चूत है, हाये छोटी सी फाँक वाली गुलाबी गुलाबी. और फिर उंगली से दोनो फाँक खोलकर देखा तो छेद देख बोला, और दोनो फाँक कितने मस्त है और हाये कितना प्यारा छेद है, हाये सिमरन मेरी जान ऐसी चूत तो बस रात भर चाटने के लिए होती है.

प्रियंका पंडित का सेक्सी

सवा 9 के करीब सुनील को मिस कॉल आई पर उसे होश कहाँ था - कुछ देर बाद रिंग बजने लगी सुमन घबरा गयी कि सुनील मिस कॉल पे क्यूँ नही आया.

वो जितना सुनील को अपने दिमाग़ से बाहर निकालने की कोशिश करती - उतनी ही शिद्दत के साथ वो उसके दिल-ओ-दिमाग़ में अपना बसेरा बनाता जा रहा था. समर ने अपने कपड़े वहीं उतार फेंके और बाथरूम में घुस के सुमन के साथ चिपक गया. सुमन उसके जिस्म से रेत उतारने लगी. शवर का पानी दोनो के जिस्मो पे गिर रहा था और थोड़ी देर में दोनो के जिस्म सॉफ हो गये.

घाटी हॉस्पिटल औरंगाबाद,मिनी उसके पास बैठ गयी ...'अब तो मेरी ड्रेस ठीक है ना .....कल शॉपिंग करने चल रहे हैं ना....तो मुझे कुछ ड्रेसस ले देना...ताकि तुम मुझे उन ड्रेस में ही देखो जो तुम्हें पसंद हैं '

सुनील और सुमन लॉक कर चले जाते हैं…लॉबी से जैसे ही निकलते हैं…. आग लग जाती है वहाँ….नाइट ड्यूटी वाला स्टाफ आँखें फाडे मुँह खोले बस सुमन को देखता रह गया.

तभी वहाँ कामया भी आ गयी, कामया ने जब सोनल को देखा तो उसका भी मुँह खुला रह गया दिल ही दिल में नश्तर चुभने लगे क्यूंकी पार्टी में सब की नज़रें सोनल पे ही ठहर जाएँगी. ये बात वो समझ गयी थी.ब्लू सेक्सी हिंदी दिखाओ

धीरे धीरे सरक्ति हुई रात जैसे इन्हें इशारा कर रही थी...जल्दी की कोई बात नही मैं बहुत धीरे धीरे सरकुन्गी सुनील ने सुमन को थोड़ा उपर उठाया और उसकी चोली की डोरी खोल दी. सुमन के जिस्म से उसकी चोली अलग हो गयी और नेट वाली ब्रा में छुपे उसके उन्नत उरोज़ और कड़े निपल सुनील को अपनी तरफ खींचने लगे पर सुनील तो उनकी सुंदरता में खो गया.

अब मैं उठा और तेल लेकर आगया और दीदी की गांड और अपने लंड पर अच्छे से लगा लिया और दीदी के पेर फैला कर उनके बीच बैठ गया और दीदी की गांड के छेद पर लंड लगा कर धीरे धीरे अंदर करने लगा तेल की वजह से लंड आराम से दीदी की गांड में जाने लगा।

फिर बाहर आ उसने नाइटी पहनी और बिस्तर पे लेट गयी…रात कबीब 12 बजे उसका फोन वाइब्रट होना शुरू हुआ….चुप चाप बाहर निकली और फोन करने वाले से बात करने लगी…यही वही वक़्त था जब सुनील भी कमरे से बाहर निकला था और उसके मिनी की सारी बातें सुन ली थी.,घाटी हॉस्पिटल औरंगाबाद सुनील ने अब तक मिनी पे तो ध्यान ही नही दिया था….उसका हाथ हवा में ही रुक गया….रमण तो बस अपराधी की तरहा सर झुकाए खड़ा था.

News