दिसावर सट्टा किंग का रिकॉर्ड

विदेशी लड़की के साथ

विदेशी लड़की के साथ, इतने में ठेकेदार बोला – ठीक है. तू कल मत आ. वैसे कल काम भी कम है. हम लोग चलते है. तू साहब से दवा लेकर आ पीछे. शादाब ने अपनी अम्मी की बात मानते हुए हाथ हटा लिए और दोनो होटल से बाहर निकल गए। वो मॉल में घूम ही रहे थे कि तभी शादाब की नजर एक ब्यूटी पार्लर पर पड़ी तो अपनी अम्मी को लेकर अंदर चला गया और उसे समझाने लगा।

कमीशन की चिन्ता मत कीजिये आप । मैं सारी कागजी कार्यवाही पूरी कर चुका हूं । बड़ी पक्की पार्टी है । पालिसी कैन्सिल नहीं होगी । कमीशन तो मुझे मिलेगी ही । आप हां कीजिये । आशा जी, प्लीज । ‘‘डोंट वरी अबाउट इट, मीट दिस गाए।’’ लड़की ने कबीर के कन्धों पर हाथ रखते हुए उसके बाएँ गाल को हल्के से चूमा। पहली बार कबीर को उसका स्पर्श सुखद लगा।

शहनाज़ ने खाने का निवाला बनाया और उसके मुंह में डाल दिया तो दोनो एक दूसरे को प्यार से खाना खिलाने लगे और जल्दी ही दोनो मा बेटे नाश्ता कर चुके तो शहनाज़ ने शादाब का गाल चूम लिया और बोली: विदेशी लड़की के साथ दादा दादी दोनो मुस्कुरा दिए और शादाब फिर से उपर की तरफ दौड़ पड़ा तो उसकी खुशी देखकर दादा दादी दोनो खुश हुए। शादाब के आने से पहले ही शहनाज़ अपने कपड़े लेकर बाथरूम में नहाने घुस गई थी।

ब्लू पिक्चर सेक्सी डॉट कॉम

  1. उसे देख कर सिल्क के कुर्ते पाजामे से सुसज्जित एक व्यक्ति अपने स्थान से उठा । बाकी लोगों के मुकाबले में उसकी पोशाक ही बता रही थी कि वो ही मेजबान था । उन्हें देखकर उसने अपना गिलास मेज पर रख दिया और उठकर उनकी ओर बढा ।
  2. आज सुबह फिर फोन आया कि वो कूरियर के जरिये पचास हजार का चैक भेज रहा था जो कि शाम तक मुझे मिल जायेगा । बाकी लिखत पढत वो एक दो दिन बाद आ के कर लेगा । अब शाम तक मुझे चैक मिल गया तो ठीक वरना कल आकर तुम बात कर लेना । भोजपुरी गाना पर सेक्सी
  3. मैं- ऐसे एकदम से इसलिए आ जाओ क्योंकि मैं तुम्हारा पति हूं। तुम्हारे जन्मदिन को मनाने का पहला अधिकार मेरा है। पहले मेरा मन इस तरह का कार्यक्रम करने का नहीं था, लेकिन अब मेरे दिमाग में एक विचार आया है जिससे कि मैं तुम्हारा यह जन्मदिन सबसे ज्यादा यादगार बना दूंगा, इसलिए तुम्हें आज आना ही होगा। आज सुबह से शहनाज़ बहुत खुश थी क्योंकि इकलौता बेटा शादाब दस साल के बाद घर वापिस लौट रहा था। इन सालों के दौरान दोनो के बीच बहुत कम बात हुई क्योंकि बेटा हॉस्टल में रहता था।
  4. विदेशी लड़की के साथ...रेशमा ने अपनी अम्मी को भी मना करने के बाद दो तीन चम्मच खीर खिला ही दी। दोनो बहुत खुश थे और एक दूसरे से रेशमा की तारीफ कर रहे थे। रेशमा को अच्छा मौका लगा और बोली: ये कि हमारा ये वार्तालाप कोई सुन नहीं रहा, ये टेप नहीं किया जा रहा और ये हमारे और सिर्फ हमारे बीच हो रहा है ।
  5. सोमा पास आकर मेरा हाथ पकड़ कर बोली – मैं जानती हूँ बाबु. वह मन में तुमको चाहती है. अगर कहूँ तो तुम्हारा लोहा चाहती है. दोनो मा बेटे ने एक दूसरे को अच्छे से खाना खिलाया और शहनाज बरतन उठा कर किचेन जाने लगी तो शादाब भी उसके पीछे पीछे उसके साथ ही अा गया और दोनो मा बेटे ने एक साथ बर्तन धोए। शहनाज़ अपने बेटे का ऐसा प्यार देखकर गदगद हो उठी। वो किचेन में बर्तन सजाने लगी और शादाब को बोली:

डब्ल्यू डब्ल्यू कॉम सेक्सी

तब श्लोक ने हमारे बिजनेस को गुजरात में शुरू करने की इच्छा प्रकट की। मेरा राजस्थान के साथ गुजरात में होना थोड़ा मुश्किल था। अतः हमारे बिजनेस के गुजरात में स्थापित होने के मालिकाना हक मैंने श्लोक को प्रदान किए।

किस करते करते ही शादाब ने शहनाज की लिंगरी को ऊपर की तरफ उठा दिया और शहनाज ने बिना कोई विरोध किए खुशी खुशी अपनी दोनों बाँहे ऊपर उठा दी और शादाब ने अपनी माँ को पूरी तरह से नंगा कर दिया। ‘‘मैंने इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है।’’ कबीर ने एक बार फिर नेहा को याद करते हुए कहा, ‘‘और तुम मुझसे जॉब कराके मुझे इंजिनियर बनाने पर तुली हो।’’

विदेशी लड़की के साथ,क्या करूँ रूबीना ये सोच रही थी मगर उस की समझ में कुछ नही आ रहा था. ऐसे ही पड़े पड़े कोई एक आध मिनिट और गुज़र गया और रूबीना का हाथ अभी तक रमीज़ के लंड पर था.

मैं पहले झिझका लेकिन जब दुबारा पुकारी तो दौड़ते हुए चला गया. ऊपर के कमरे के आगे एक खुला बरामदा बना हुआ था. एक बड़े झूले में ठकुराइन बैठी थी और बगल के सोफेनुमे कुर्सी में लाली. मैं भींगे कपड़ो में बरामदे में खड़ा हो गया. ठाकुराइन किसी एक्स-रे मशीन की तरह मुझे घुर रही थी. मैं थोड़ा झेंप गया.

मैंने इतनी बड़ी रकम इसके हवाले करने से इंकार कर दिया । मैंने कहा कि मैं इसके सहयोग की वाजिब कीमत दने को तैयार थी और बीस करोड़ रुपये वाजिब कीमत नहीं थी । तब भाव ताव करता ये पांच करोड़ पर आ गया और वो रकम इसे अदा करना मैंने कुबूल कर लिया ।सेक्सी फुल वीडियो हिंदी

उस रफ्तार पर भी कभी कभी कोई वाहन पीछे से आता था और उसे ओवरटेक कर जाता था । यूं कोई बस या ट्रक उसे ओवरटेक करता था तो वो बहुत नर्वस हो जाती थी लेकिन गनीमत थी कि तब ऐसा नहीं हुआ था, जिस वाहन ने भी उसे ओवरटेक किया था वो कोई कार ही थी । मेरी घड़ी, मेरी अंगूठी, मेरे गले की चेन भी इसे पहना दे । कमलनाथ ने अपनी घड़ी, चेन और अंगूठी भी सोमू को थमा दी ।

शादाब उसका हाथ थामकर बोला:_ शुक्रिया अजय, लेकिन ये लड़ाई मेरी हैं और मैं खुद ही इसे लड़ूंगा। मैं नहीं चाहता कि तुम्हे मेरी वजह से कोई भी खरोच आए भाई।

शादाब: अब तो मै अपनी सारी छुट्टी अपनी मा के साथ घर पर ही रहूंगा, बुआ बुरा मत मानना मैं बाद में फिर कभी आपके पास अा जाऊंगा। अच्छा मैं बाद में करूंगा मुझे नींद अा रही हैं।,विदेशी लड़की के साथ अब नज़ाने क्यों उस का दिल चाह रहा था. कि जिस तरह उस के शोहर ने शादी के बाद भी दूसरी औरतों से नाजायज़ ताल्लुक़ात रख कर रूबीना के प्यार की तोहीन की है.

News